एक मामूली चमत्कार और थोड़ा अच्छा जासूसी का काम

रिश्ते और अपनेपन की भावना हमारे जीवन को उर्जा देती है, इसे अर्थ देती है और सभी बाधाओं के खिलाफ आगे बढ़ने की इच्छा देती है। कई विकलांगता युक्त लोगों के जीवन में, हालांकि, मुफ्त में दिए गए अवैतनिक संबंध बहुत कम होते हैं, यदि कुछ हैं भी तो। और यह घाव किसी के भी अस्तित्व के मर्म को हिला सकता है।

Rosyरोज़ी, जो अब हर्बर्टपुर के शांतिमय पड़ोस में दो महिलाओं के साथ एक अपार्टमेंट साझा कर रही है, एक जीवंत, मददगार और उत्साही युवती है और सभी उसे बहुत प्यार करते हैं। उसके घर में रहनेवाले साथी और हर कोई जो उसे जानता है, उसे एक लीडर, गृहिणी, एक जल्दी सीखनेवाली और एक हिमायती के रूप में स्वीकार करता है। रोजी एक संस्था में कई वर्षों तक विषम परिस्थितियों में रही थी। संस्था से समुदाय में जाने के बाद, वह एक शांत, शर्मीली, डरपोक लड़की से एक खुश, चिंतामुक्त वयस्क के रूप में विकसित हुई है। फिर भी, रोज़ी के जीवन में कुछ महत्वपूर्ण कमी थी।

रोजी के साथ रहनेवाले लोग, जो उसके साथ रहते हैं और उसे करीब से जानते हैं, उन्होंने देखा कि उसे स्थानीय गुरुद्वारे में जाना पसंद था, वह पंजाबी भाषा से परिचित थी, और उसने बार-बार पास के शहर हिमाचल के पोंटा साहिब जाने की इच्छा व्यक्त की।

वे जानते थे कि रोज़ी अपने परिवार के साथ फिर से जुड़ना चाहती थी, हालाँकि वह बचपन से ही उनसे खो गई थी। रोजी को याद आया कि वे चूड़ी बेचने वाले हैं, और वह गुरुद्वारे में लंगर परोसने में उनकी मदद करती थी। इन कुछ सुरागों के साथ, टीम ने संबंध स्थापित करने की कोशिश की। पोंटा साहिब के पास, लोगों से अच्छी तरह से जुड़े एक सिख परिवार के साथ एक मुलाकात का आयोजन किया गया, और वे तुरंत रोज़ी के उत्साही व्यक्तित्व से प्रभावित हुए, और रोज़ी को जानने वाले लोग यह देखकर बहुत आश्चर्यचकित हुए कि रोज़ी उनके साथ बातचीत करते समय कितना उत्साह और आत्मविश्वास जाहिर कर रही थी। आगंतुकों ने उसके अतीत, अतीत से उसकी यादों और उन सुरागों के बारे में पूछताछ की जिससे उसके परिवार का पता चल सके। रोज़ी ने पंजाबी में उत्साह से उनका जवाब दिया – रोज़ी अपने असली रूप में प्रफुल्लित थी! उसने लंगर भोजन का उल्लेख किया जिसे तैयार करने में वह मदद करती थी, और यह एक बड़ा सुराग था, क्योंकि टीम को पता चला कि कुछ गुरुद्वारे कुछ भोजन परोसते हैं। अब उनके पास एक स्थान की जानकारी थी- वे जान पाए कि वह किस गुरुद्वारे से थी।

उस विशेष गुरुद्वारे में पहुँचकर, उन्होंने एक चूड़ी विक्रेता परिवार के बारे में पूछताछ की, और तुरंत उन्हें उसके भाइयों के घर में भेजा गया। उसी क्षण एक आनंदमय पुनर्मिलन हुआ, और रोज़ी ने अपने दो भाइयों, अपनी सौतेली माँ और अपनी बहन के साथ फिर से संबंध स्थापित किया, जो अपने लंबे समय से खोए हुए परिवार के सदस्य को  जानकर और मिलकर बह्त खुश हुए।

Rosy with visitorsयह “मामूली चमत्कारों” में से एक है जो लोगों को समुदाय में उनकी जगह प्राप्त करने में मदद करने के इस काम में अक्सर देखा जाता है। रोज़ी के जीवन में  परिवार होने के कारण रोमांचक संभावनाओं की नई आशा जगती है; अपनी जड़ों से जुड़ना, अपने परिवार के साथ फिर से संबंध स्थापित कर पाना, पुराने पारिवारिक रिश्तों को पुनर्जीवित करना – इनमें से कोई भी या सभी रोज़ी के जीवन में उन गहरे घावों को ठीक करने में उसकी मदद कर सकते हैं, जो उसके वास्तविक व्यक्तित्व को उजागर कर सकता है, जो वह असल में है – जिसे प्यार किया जाता है, पोषित किया जाता है, और जो एक परिवार से संबंधित है। उन लोगों के जीवन में जिन्होंने जासूसी के इस आश्चर्यजनक काम में मदद की, यह अनुभव नवीनीकरण, गहरी संतुष्टि और यह भावना भी लाता है कि उनका काम वास्तव में मायने रखता है।